सुपर कंप्यूटर क्या है ? [2023] Super Computer kya hai ?

आजकल हम इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी के युग में जी रहे हैं और ये टेक्नोलॉजी कंप्यूटर के बिना हमारे काम ही नहीं आ सकती हमें जो कुछ भी जानकारी और ज्ञान मिलता है वो सब कंप्यूटर की वजह से ही मुमकिन हो पाया है अपने रोजमर्रा की जिंदगी में हम जो कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं उसे साधारण कंप्यूटर कहा जाता है सामान्य कंप्यूटर से साधारण कार्य जैसे छोटी मोटी कैलकुलेशन करना, पॉवर पॉइंट बनाना, टेक्स्ट टाइप करना, गेम खेलना पिक्चर देखना जैसे काम किये जाते हैं|

Super computer kya hai

 

साधारण कंप्यूटर के अलावा एक और कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल बड़े बड़े कामों को पूरा करने के लिए किया जाता है वो कंप्यूटर साधारण कंप्यूटर के मुकाबले बड़ी बड़ी चीजों को चन्द मिनटों में कर दिखाता है| मौसम के बारे में भी बताता है बड़ी बड़ी मशीनों को बनाने में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है, प्राकृतिक संसाधन यानी कि Natural Resources के बारे में जानकारी इकठ्ठा करने का काम भी करता है, जो ये सारे बड़े बड़े काम करता है उस कंप्यूटर को सुपर कंप्यूटर कहा जाता है|

सुपर कंप्यूटर के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा और इसकी थोड़ी बहुत जानकारी तो आप सभी के पास होगी लेकिन आज हम आपके लिए सुपर कंप्यूटर के बारे में जानकारी लेकर आये हैं जिससे आपको इस कंप्यूटर के बारे में थोडा और ज्ञान मिल सके|

अनुक्रम –

कंप्यूटर क्या होता है ?

सुपर कंप्यूटर क्या होता है ?

सुपर कंप्यूटर की कीमत और इसका साइज़ |

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कहाँ किया जाता है ?

सुपर कंप्यूटर कब और किसने बनाया था ?

साधारण कंप्यूटर और सुपर कंप्यूटर में अंतर |

भारत के सबसे पहले सुपर कंप्यूटर का इतिहास |

FAQ

साधारण कंप्यूटर और सुपर कंप्यूटर में अंतर |तो चलिए आज हम इस ख़ास विषय की चर्चा शुरू करते हैं| तो सबसे पहले हम जानेंगे कि सुपर कंप्यूटर क्या होता है? सुपर कंप्यूटर के बारे में जानने से पहले हम यह जानेंगे कि कंप्यूटर क्या होता है उसके बाद सुपर कंप्यूटर के बारे में जानेंगे |

कंप्यूटर क्या होता है?

कंप्यूटर एक सामान्य उद्देश्य से काम करने वाली मशीन है जो इनपुट devices जैसे कीबोर्ड, माउस के जरिये users से डेटा लेती है फिर उस डेटा की प्रक्रिया (Process) करता है प्रक्रिया के बाद यूजर को आउटपुट देता है| एक सामान्य कंप्यूटर इसी तरह से काम करता है लेकिन सुपर कंप्यूटर का काम इससे कई ज्यादा अधिक और तेज होता है|

सुपर कंप्यूटर क्या होता है ?

सुपर कंप्यूटर को हिंदी में “महासंगणक” कहा जाता है| सुपर कंप्यूटर को वहां पर काम में लिया जाता है जहाँ पर बहुत ज्यादा पॉवर और तेज गति के साथ वास्तविक काल में बड़े कैलकुलेशन की जरूरत होती है| सुपर कंप्यूटर सामान्य कंप्यूटर की तरह एक ही समय में एक ही काम नहीं करता बल्कि एक समय में वो अनगिनत कार्य करने की क्षमता रखता है क्योंकि सुपर कंप्यूटर सीरियल प्रोसेसिंग की जगह पैरेलल प्रोसेसिंग (Parallel Processing) के आधार पर काम करता है| साधारण कंप्यूटर कार्य को पूरा करने के लिए सीरियल प्रोसेसिंग (Serial Processing) का उपयोग करते हैं जिसमें एक समय में एक ही काम किया जाता है मतलब एक कार्य समाप्त होने के बाद ही दुसरे कार्य की प्रक्रिया शुरू हो जाती है जिसके वजह से इसमें कार्य की प्रक्रिया धीमी होती है|

लेकिन सुपर कंप्यूटर में हजारों प्रोसेसर लगे होते हैं जो प्रति सेकंड अरबों करोड़ों की गणना करने में सक्षम होते हैं| एक सुपर कंप्यूटर कार्य को पूरा करने के लिए पैरेलल प्रोसेसिंग का उपयोग करता है जिसमें वो एक कार्य को छोटे छोटे भागों में विभाजित कर देता है और प्रत्येक माइक्रोप्रोसेसर हर भागों में दिए गए कार्य को एक ही समय में एक साथ तेज गति से पूरा करते हैं सबसे बड़े और शक्तिशाली कंप्यूटर पैरेलल प्रोसेसिंग का इस्तेमाल करते हैं इसमें वो कोई भी प्रोसेस को तेज और कम समय में कर सकते हैं|

सुपर कंप्यूटर में कई माइक्रोप्रोसेसर एक साथ काम करते हुए किसी भी जटिल समस्या का तुरंत हल निकाल लाते हैं इसलिए कंप्यूटर की इस काबिलियत के आधार पर इसे सुपर कंप्यूटर कहा जाता है|

सुपर कंप्यूटर एक सेकंड में एक अरब गणनाएं कर सकता है| सुपर कंप्यूटर की गति की गणना FLOPS यानी Floating Points Operation Per Second में की जाती है जबकि साधारण कंप्यूटर की गति की गणना MIPS यानी Million Instructions Per Second में की जाती है|

अगर ऑपरेटिंग सिस्टम की बात की जाए तो जब नए सुपर कंप्यूटर की शुरुआता हुई थी तो ये Unix Operating System पर कार्य करते थे लेकिन समय और टेक्नोलॉजी में बदलाव के साथ अब अधिकांश सुपर कंप्यूटर में Linux Operating System का इस्तेमाल किया जाता है हालाँकि मैन्युफैक्चरर अपनी जरूरत की हिसाब से ऑपरेटिंग सिस्टम को चेंज भी कर लेते हैं| Linux के अलावा CentOS, bullx, SCS और Cray Linux जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल भी किया जाता है|

ज्यादातर सुपर कंप्यूटर का उपयोग साइंटिफिक कार्यो के लिए ही किया जाता है तो इसमें कभी कभी ट्रेडिशनल प्रोग्रामिंग language, मॉडर्न प्रोग्रामिंग Language जैसे C और C++ का उपयोग भी किया जाता है|

सुपर कंप्यूटर की कीमत और इसका साइज़ |

सुपर कंप्यूटर साधारण कंप्यूटर की तुलना में हर तरह से बेहतर है इसलिए इसकी कीमत भी बहुत ज्यादा होती है इसे खरीदना आम इन्शान के बस के बाहर है सुपर कंप्यूटर की कीमत इस बात पर निर्भर करती है कि ये कितनी FLOPS की गति से गणना करता है जो सुपर कंप्यूटर जितना ज्यादा तेज होगा उसकी कीमत उतनी ही ज्यादा होगी यानी वह उतना ही महंगा होगा|

सुपर कंप्यूटर की साइज़ भी बहुत होती है इसकी ऊंचाई कुछ फीट से लेकर 7 फीट तक की होती है इसलिए सुपर कंप्यूटर की कीमत बहुत ज्यादा होती है| इसकी कीमत दो लाख Dollar से लेकर 100 मिलियन डॉलर तक होती है| सुपर कंप्यूटर का Size इस बात पर भी निर्भर करता है कि वो सुपर कंप्यूटर कितने कंप्यूटर से मिलकर बना है एक सुपर कंप्यूटर 10 या 100 या हजार या इससे ज्यादा कम्पूटरों से मिलकर बना हो सकता है और ये सभी कंप्यूटर एक साथ काम करते हैं|

तो दोस्तों अभी तक तो आपने यह जान ही लिया कि सुपर कंप्यूटर क्या होता है और इसका साइज़ और कीमत क्या होती है चलिए अब हम यह जानेगे कि सुपर कंप्यूटर का उपयोग कहाँ किया जाता है?

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल कहाँ किया जाता है ?

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल खासकर ऐसे क्षेत्रों में किया जाता है जिनमें कुछ ही क्षणों में बड़े पैमाने पर कैलकुलेशन (Calculation) करने की जरूरत पड़ती है परंपरागत तौर पर देखा जाए तो सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल साइंटिफिक और इंजीनियरिंग Applications के लिए होता है जिससे ये बड़े बड़े डेटाबेस को हैंडल कर सके और साथ ही बड़ी मात्रा में Computational Operation कर सके|

परफॉरमेंस की बात करे तो ये आम कंप्यूटर से हजारों गुना तेज और Accurately काम करता है| सुपर कंप्यूटर बहुत तेज शक्तिशाली और महंगे होते हैं इसलिए इसका उपयोग वहीँ पर किया जाता है जहाँ पर बहुत बड़े और तेजी से कैलकुलेशन करनी होती है इसके अलावा स्पेशल operations में भी इसकी जरूरत होती है| एतिहासिक रूप से इसका उपयोग मौसम की भविष्यवाणी करने जिसे Weather Forecasting कहते हैं, जीन का संकलन करना जिसे जीन सेंथ्सिसी कहा जाता है, जलवायु अनुसंधान जिसे क्लाइमेट रिसर्च (Climate Research) कहा जाता है, परमाणु अस्त्रों के simulation करने तथा मैथमेटिकल मोडलिंग इत्यादि जैसे कामों को करने की बात आती है तब हमें सही माइने में कंप्यूटर पॉवर की जरूरत होती है ऐसे में सुपर कंप्यूटर ही ज्यादा काम आता है|

सुपर कंप्यूटर कब और किसने बनाया था ?

यदि आप कंप्यूटर के इतिहास के बारे में पता करेंगे तब आप पाएंगे कि अकेले व्यक्ति ने सुपर कंप्यूटर का निर्माण नहीं किया था बल्कि बहुत से लोगो ने अपना योगदान समय समय पर दिया था तब कही जाकर हमें ऐसे विशाल और शक्तिशाली मशीने देखने को मिलीं लेकिन जहाँ बात सुपर कंप्यूटर की आती है तब इसका बहुत बड़ा श्रय Seymour Cray को जाता है क्योंकि उनका योगदान सुपर कंप्यूटर को बनाने में सबसे ज्यादा है इन्हें सुपर कंप्यूटर के जनक भी कह सकते हैं| विश्व का पहला सुपर कंप्यूटर Cray द्वारा 1960 में बनाया गया था जिसका नाम था CDC 1604 विश्व के दो सबसे तेज सुपर कंप्यूटर अमेरिका के है इन दोनों कंप्यूटर के नाम हैं- Summit And Sierra ये दोनों IBM टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हैं| Summit को जून 2018 में दुनिया के सबसे तेज सुपर कंप्यूटर का ताज पहनाया गया था|

Summit के पहले चीन का Sunway TaihuLight सबसे तेज suकंप्यूटर था जिसका अनुमानित मूल्य 273 मिलियन डॉलर था कुल मिलाकर दुनिया के दस सबसे तेज सुपर कंप्यूटर में पांच अमेरिकी 2 चाइना और एक एक स्विट्ज़रलैंड, जापान और जर्मनी का है| इस मामले में भारत भी किसी देश से पीछे नहीं है इसके पास भी अभी पांच सबसे तेज सुपर कंप्यूटर हैं जिनके नाम हैं – Pratya Cray XC40, Sahstra Cray XC40, Aaditya IBM/Lenovo System, IIT Delhi HPC, Param Yuva 2 |

भारत को अपना पहला सुपर कंप्यूटर 1991 में मिला इसका नाम था Param 8000 | भारत का सबसे आधुनिक सुपर कंप्यूटर Pratyush है जनवरी 2018 के हिसाब से (Cray XC40) भारत का सबसे तेज सुपर कंप्यूटर है इसकी मेमोरी 1.5 Tera Byte है ये सुपर कंप्यूटर पुणे के IITM में स्तिथि हैं| भारत के सुपर कंप्यूटर की टॉप स्पीड 42.56 TFLOPS Per Second है इस सुपर कंप्यूटर को मौसम और वातावरण को अछे से समझने के उद्देश्य से बनाया गया था ये भारत के मानसून बाढ़ सुखा चक्रवात और हवा की गति जैसे मौसमी बदलाव की जांच और उसकी भविष्यवाणी सटीकता से कर सकता है भारत में सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से लेकर मेडिकल और शिक्षा के क्षेत्र में रिसर्च के लिए किया गया है|

 

साधारण कंप्यूटर और सुपर कंप्यूटर में अंतर |

⦿साधारण कंप्यूटर कैलकुलेशन और गणनाएं करने के लिए सिर्फ एक प्रोसेसर लगाया जाता है जबकि सुपर कंप्यूटर एक सेकंड में अरबों खरबों गणनाएं कर सकता है|

⦿साधारण कंप्यूटर में सिर्फ एक ही प्रोसेसर होता जबकि सुपर कंप्यूटर में सैकड़ों प्रोसेसर होते हैं|
⦿साधारण कंप्यूटर की स्पीड गीगा हर्ट्स में मापी जाती है जबकि सुपर कंप्यूटर की स्पीड को FLOPS (FLOATING-POINT OPERATIONS PER SECOND)  में मापा जाता है|
⦿एक सामान्य कंप्यूटर को आप किसी भी छोटी से छोटी जगह पर रख सकते हो जैसे टेबल, अलमारी , जबकि सुपर कंप्यूटर को रखने के लिए बहुत बड़े स्थान की जरूरत होती है|
⦿साधारण कंप्यूटर की कीमत बहुत ज्यादा नहीं होती है यह केवल 50000 से लेकर 2 लाख रूपए तक में मिल जाता है जबकि सुपर कंप्यूटर की कीमत बहुत ज्यादा होती है, इसकी कीमत 20 करोड़ से 30 करोड़ तक की हो सकती है|

भारत के सबसे पहले सुपर कंप्यूटर का इतिहास |

ये कहानी शुरू होती है 1980 से | 1980 के दशक तक भारत के पास अपना खुद का सुपर कंप्यूटर नहीं था वो दुसरे देशों पर निर्भर रहता था जैसे कि अमेरिका | आज के समय में चीन और अमेरिका के पास सबसे ज्यादा सुपर कंप्यूटर हैं और ये देश अपने सुपर कंप्यूटर के जरिये दुसरे देशों को भी सर्विसेज प्रोविड करते हैं लेकिन 1980 के दशक तक भारत के पास अपना खुद का कोई भी सुपर कंप्यूटर नहीं था तो इस टाइम पे भारत ने अमेरिका की Cray कंपनी से सुपर कंप्यूटर लेने का फैसला लिया उस कंपनी ने सुपर कंप्यूटर देने के लिए हाँ तो कर दिया लेकिन अमेरिका ने इसे एक्सपोर्ट (Export) करने से मना कर दिया |

अमेरिका ने भारत को सुपर कंप्यूटर देने से मना कर दिया तो भारत सरकार ने खुद सोचा कि हम अपना खुद का एक स्वेदेशी सुपर कंप्यूटर बनायेंगे जोकि हमारे ढेर सारे डेवलपमेंट के कामों में हमारी मदद करेगा जिसके लिए भारत में CDAC की स्थापना की गयी अब CDAC के जो डायरेक्टर थे उनका नाम था – Dr. Vijay Pandurang Bhatkar | विजय भटकर की अगुआई में भारत के पहले स्वदेशी कंप्यूटर पर काम शुरू हो गया अब डाक्टर विजय भटकर ने सुपर कंप्यूटर बनाने के लिए 3 साल का समय माँगा और इसके लिए उन्होंने सरकार से 30 करोड़ की फंडिंग ली ये फंडिंग और टाइम उतना ही था जितना टाइम हमें अमेरिका से सुपर कंप्यूटर खरीदने में लगता और जितना पैसा उस समय खर्च किया जाता|

पूरे जी जान से भारत के वैज्ञानिकों ने 3 साल तक सुपर कंप्यूटर पर काम किया और सन 1990 में सुपर कंप्यूटर का Prototype तैयार कर लिया गया इस कंप्यूटर का नाम रखा गया PARAM 8000 | परम शब्द संस्कृत से लिया गया है जिसका मतलब होता है सुप्रीम और भारत द्वारा बनाया गया ये Param 8000 कंप्यूटर ज्युरुख में होने वाले एक शो में गया जहाँ पर इसने पूरी दुनिया के सुपर कंप्यूटर को पछाड़कर पूरी दुनियां में नंबर 2 का स्थान प्राप्त किया और नंबर एक पर अमेरिका का सुपर कंप्यूटर था|

तो भारत के वैज्ञानिकों ने पूरी दुनियां को पछाड़कर Param 8000 बनाकर सुपर कंप्यूटर की दुनियां में अपना झंडा बुलंद कर दिया तो Param 8000 भारत का अपना स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था जिसने भारत का सुपर कंप्यूटर के मामले में पूरी दुनियां में डंका बजा दिया इसके बाद भारत सरकार ने सुपर कंप्यूटर की यौजना को और आगे बढ़ाने का फैसला किया | वर्तमान में भारत के भारत के पास जो सबसे लेटेस्ट सुपर कंप्यूटर है उसका नाम है – Param Ishan जिसको 2016 में स्थापित किया गया था ये सुपर कंप्यूटर मौसम विज्ञानं, सिविल इंजीनियरिंग, स्पेस साइंस जैसे तमाम फ़ील्ड्स में बहुत सहयोग प्रदान कर रहा है| अब तक भारत में 40 भी ज्यादा सुपर कंप्यूटर हैं|

FAQ –

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर कब बना ?

भारत का पहला सुपर कंप्यूटर परम 8000 था जोकि 1990 में बनकर तैयार हो गया था | परम 8000 का आरंभ 1991 में हुआ|

सुपर कंप्यूटर किसने बनाया ?

पहले सुपर कंप्यूटर को बनाने में कई लोगो का योगदान रहा लेकिन सबसे ज्यादा Seymour Cray ने सुपर कंप्यूटर बनाने में योगदान दिया इसलिए इन्हें ही सुपर कंप्यूटर का जनक कहा जा सकता है|

सुपर कंप्यूटर की कीमत कितनी होती है ?

इसकी कीमत एक सामान्य कंप्यूटर से कई गुना ज्यादा होती है इसकी कीमत लगभग 100 मिलियन डॉलर तक होती है|

वर्तमान में भारत के पास कितने सुपर कंप्यूटर हैं ?

वर्तमान में भारत के पास लगभग 40 से भी ज्यादा सुपर कंप्यूटर हैं|

सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल किसलिए किया जाता है ?

Supercomputer का उपयोग मौसम के पूर्वानुमान को पता करने लिए और उर्जा अनुसन्धान के लिये, भौतिकी और रसायन विज्ञानं के लिए इसके अलावा साइंटिफिक कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है|

इन्हें भी पढ़ें- 

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  • Application Software क्या होते हैं?

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